आयतुल कुर्सी की फज़ीलत
अस्सलामु अलैकुम दोस्तों, इस तहरीर में आपको आयतुल कुर्सी और सूरह मुल्क की फज़ीलत क्या है वह बताने वाला हूं पोस्ट पूरी पढ़ें।
मुस्लिम शरीफ में रिवायत है कि एक रोज़ हुज़ूरे अनवर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने अबू मुसनद सहाबी से इर्शाद फरमाया कि, "अबू मुसनद कुरआन में सब से बड़ी कौनसी आयत है? अबू मुसनद ने अर्ज़ किया, या रसूलुल्लाह ! अल्लाह और उसके रसूल को मालूम !” फिर फरमाया, अबू मुसनद कुरआन में कौनसी आयत है जो सब से बड़ी और फ़ज़ीलत वाली है।” अबू मुसनद ने अर्ज किया, "हुजूर सल्ल. आयतुल कुर्सी है।" यह सुन कर हुज़ूरे अनवर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने उनके सीने पर हाथ मार कर फरमाया, अबू मुसनद तुम को इल्म मुबारक हो यह आयत बड़ी अज़मत व फज़ीलत वाली है। हुज़ूरे अनवर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फरमाया जो शख़्स हर फर्ज़ नमाज़ के बाद आयतुल कुर्सी पढ़ेगा अल्लाह तआला उसको जन्नत में दाखिल करेगा (नसई) हुजूरे अनवर ने फरमाया। जो शख़्स हर नमाज़ के बाद आयतुल कुर्सी पढ़ेगा वह खुदा के हिफ़्ज़ व अमान में रहेगा। हुज़ूरे अनवर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फरमाया
जो शख़्स आयतुल कुर्सी पढ़ कर सोएगा वह हर बला व आफात से महफूज़ रहेगा। बुख़ारी व मुस्लिम में रिवायत है कि हुज़ूरे अनवर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फरमाया, जो शख़्स आयतुल कुर्सी पढ़ता रहेगा वह शैतान व जिन्न के मक्र व फरेब से महफूज़ रहेगा। अक्सर बुज़ुर्गाने दीन ने फरमाया है कि, जो शख्स सोते वक़्त तीन बार दुरूद शरीफ एक बार आयतुल कुर्सी पढ़ कर हिसार बांध कर सोएगा वह चारों, शेयातीन और जुमला बलियात से महफूज़ रहेगा। यह मुजर्रबात से है।
सूरह मुल्क की फज़ीलत
सूरह मुल्क यानी "तबा-र-कल्लज़ी' यह जो शख़्स हर रोज़ मगरिब की नमाज़ के बाद तीन बार पढ़े तो तमाम बलाओं से महफूज़ रहता हैं हुज़ूरे अनवर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फरमाया "जो शख़्स बाद नमाज़े इशा इसे एक बार पढ़े वह अज़ाबे कब्र और मुन्किर व नकीर के सवालों से महफूज़ रहता है।" (तिर्मिज़ी) हुज़ूरे अनवर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फरमाया। "मैं चाहता हूं कि मेरे हर उम्मती के दिल में यह सूरह रहे।” हज़रत इब्ने अब्बास रदी अल्लाहु अन्हु से रिवायत है कि हुज़ूरे अनवर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फरमाया कि जो शख़्स इस सूरह को हर रोज़ पांच मर्तबा पढ़ता है, कल कियामत के दिन यह सूरह अल्लाह तआला से सिफारिश करके दोज़ख से नजात दिला कर जन्नत में दाखिल करवाएगी (नसई) हुज़ूरे अनवर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फरमाया "जो शख्स इक्तालीस मर्तबा इस आयत को पढ़ेगा तमाम मुश्किलात से नजात पाएगा। और तमाम हाजतें बर आएंगी। अगर कर्ज़दार होगा तो कर्ज़ अदा हो जाएगा"। इसके पढ़ने वाले को इतना सवाब मिलता है कि गोया वह शबे कद्र को रात भर जागा और रात भर खुदा की इबादत की। (अबू दाऊद)
दोस्तों मुझे उम्मीद है के इससे आपको ज़रूर फायदा होगा और आपके इल्म में भी इज़ाफा हुआ होगा।
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