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अत्तहियात से दलील या रसूलल्लाह पुकारना शिर्क नहीं

हदीस ए पाक की रौशनी में तशह-हुद (अत्तहियात) के आदाब व फज़ीलत पर एक नज़र: अल्लाह तबारक व तआला के फ़ज़ल ओ करम से, और दरूद ओ सलाम हमारे आका ए दो जहां मु…

हाल ही की पोस्ट

सुन्नत पर अमल के फायदे और सुन्नत से रुगर्दानी के नुकसान

इस्लामी भाइयो! आज की इस पोस्ट मैं हम बात करेंगें एक ऐसी प्यारी चीज़ की जिस पर अमल करके हम दुनिया व आख़िरत को रोशन कर सकते हैं। यह कोई आम सी बात नहीं, ब…

मोबाइल ने हमें दुनिया के लोगों से जोड़ दिया - मगर अपनों से दूर कर दिया

आज का दौर तरक्की और तकनीक का दौर है आज हमारे हाथों में मोबाइल है स्मार्ट फ़ोन है जिससे हम किसी से भी बात कर सकते हैं विडियो कालिंग करके उससे बात कर सक…

फ़र्ज़ नमाज़ के बाद बुलंद आवाज़ से ज़िक्र का सबूत

नमाज़ के बाद ज़िक्र व दुरूद, अहले सुन्नत व जमाअत नमाज़ के बाद तीन मर्तबा बुलंद आवाज़ से कलिमा शरीफ पढ़ते हैं, फिर मुख़्तसर दुआ मांगकर सुन्नतें पढ़ते हैं, सु…

हुज़ूर की अता जिसको जो चाहें अता फर्मा दें

हुज़ूर अलैहिस्सलातु वस्सलाम की अता: इस पोस्ट में हदीस की रौशनी में यह बताने वाला हूँ के हमारे प्यारे नबी हुज़ूर अलैहिस्सलातु वस्सलाम को अल्लाह तआला ने …