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aakhirat ki fikr par बेहतरीन इस्लाही मज़मून

दुनिया की ज़िंदगी फ़ानी है जबकि आख़िरत की ज़िन्दगी हमेशा और बाक़ी रहने वाली ज़िन्दगी है। इस  मज़मून में आख़िरत की तैयारी मौत की याद और अल्लाह तआला के सा…

हाल ही की पोस्ट

wuzu ka shuru se aakhir tak ka tareeqa वुज़ू के ब्यान में

इस्लाम में पाकी और सफ़ाई को बहुत अहमियत हासिल है। वुज़ू सिर्फ़ जिस्मानी सफ़ाई नहीं बल्कि रूहानी पाकीज़गी का भी ज़रिया है। नीचे वुज़ू का मुकम्मल ब्यान…

क्या बच्चों को नज़र से बचाने के लिए काला टीका लगाना जाइज़ है

आज के इस मज़मून में हम एक ऐसे मामूली से लगने वाले लेकिन अहम मसअले पर गुफ़्तगू करेंगे जो हमारे समाज में आम तौर पर देखा जाता है। अक्सर आपने देखा होगा कि…

हालत ए नापाकी में तावीज़ छूना और पहनना कैसा है

प्यारे क़ारईन नापाकी की हालत में अगर गले में कोई तावीज़ लटका हो तो क्या हुक्म है क्या इसे छू सकते हैं क्या पहन सकते हैं तो इस अहम मसले को फ़िक्ह की र…

दोपहर का मुख़्तसर आराम जिस्मानी रूहानी के लिए अज़ीम फाएदा

आज के इस मज़मून में, हम रहमत-ए-आलम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की एक बेहद प्यारी और हिकमत से भरपूर सुन्नत का ज़िक्र करेंगे। ये सुन्नत है "क़ैलूला&quo…

अल्लाह का ज़िक्र करने और न करने वालों की मिसाल क्या है जानिए तफसील से

दोस्तों, क्या आपने कभी सोचा है कि अल्लाह का ज़िक्र करने वाले और उससे ग़ाफ़िल रहने वाले में असल फ़र्क क्या है? क्या यह सिर्फ़ एक अमल का फ़र्क है या कोई …

मुसीबत किसी की भी हो मोमिन का रवैया हमदर्दी और ख़ैर ख़्वाही वाला होना चाहिए

क्या आपने कभी किसी के बुरे वक़्त पर मन ही मन खुशी महसूस की है? क्या कभी किसी की परेशानी देखकर आपके मन में यह ख़्याल आया है कि "सही हुआ उसे मिला …