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मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम हर चीज़ की असल हैं Ya RasoolAllah

जब से इंसानी ज़ेहन मैं समझने और जानने की सलाहियत पैदा हुई है उस वक़्त से आज तक इंसान कायनात का हर राज़ मालूम करने मैं सर गरम अमल है मगर आज तक दुनिया का कोई इंसान कारखाना ए क़ुदरत की हक़ीक़तों को ना पा सका और तो फिर जिसकी ये सिलसिला  जारी रहेगा आप गौर फरमाएं के हज़ारों लाखों साल गुजरने के बाद भी इंसानी ज़ेहन कायनात को मुकम्मल तौर पर ना जान सका ख़ातिर ये सब कुछ बना तो उसको जानना भी इंसानी ज़ेहन के बस की बात नहीं 

कायनात की हर चीज़ मैं नाम ए मुहम्मद है

कायनात की हर चीज़ मैं नाम ए मुहम्मद है और इसको समझने के लिए आइये मैं एक मिसाल देता हूँ उनकी जो गैर मुस्लिम हैं और नाम है उनका गुरु नानक ये सिख मज़हब के बानी हैं उन्होंने कहा के हर वोह शे मैं हज़रत मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के नाम के अदद (संख्या)मौजूद हैं गुरु नानक के इस ख्याल की तस्दीक कबीर दास के दोहे से मिलती है 
अदद निकालो हर चीज़ से चौ गुन  करलो वाए 
दो मिलाके पचगुन कर लो बीस का भाग लगाए 
बाक़ी बचे को नौगुन करलो दो उस मैं दो मिलाए 
केहत कबीर सुनो भई साधू  नाम मुहम्मद आए 
(आस्ताना देहली सफा 40 शुमारा फ़रवरी 1971 ई)
देखा आपने गुरु नानक कह रहे हैं  दुनिया की हर शै मैं मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम मौजूद हैं गुरु नानक के इस नज़रिए को परखने के लिए आम आदमियों को समझाने के लिए कबीर दास के दोहे के फार्मूला की रौशनी मैं कुछ मिसाल दे रहा हूँ ताके आप सब लोग भी हिसाब लगा सकें और तस्दीक कर सकें सबसे पहले आप इस अब्जद के चार्ट को देखिये क्योंके हर्फ़ के अदद इसी से निकाले जाते हैं 

सबसे पहले तो हम इस चार्ट की रौशनी मैं ये देखते हैं के मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के 92 अदद बनते हैं या नहीं लफ्ज़ मुहम्मद के हुरुफ 4 हैं (अरबी उर्दू )के हिसाब से  मीम हा मीम दाल  अब हम इन हुरूफ के अदद लेंगे तो मीम के अदद 40 हा के 8 फिर मीम के 40 और दाल के 4 अब सबको जोड़ते हैं यानि 40+8+40+4=92 कुल अदद 92 होते हैं  तो आपने देख लिया के मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के अदद 92 हुए अब हमें ये देखना है के कायनात की हर शै मैं 92 का अदद आता है या नहीं एक दो मिसाल देता हूँ मैं सबसे पहले  मुल्क हिन्दुस्तान की मिसाल लें हिन्दुस्तान के उर्दू के हिसाब से हुरुफ बनते हैं  ह  न  दाल  वाव सीन ता  अलिफ़ और नून  और इनकी अदद निकलती है 576 अब ऊपर दिए गये तरीके से हम हिसाब निकालते हैं और देखते हैं के हिन्दुस्तान मैं 92 का हिंदसा आएगा  सबसे पहले  576  लिए जो हिन्दुस्तान की अदद है अब इसको 4  से गुणा करेंगे 4 ×576 =2304 दो हज़ार तीन सौ चार उत्तर आया } [अब दो हज़ार तीन सौ चार  मैं दो मिलाएंगे -> 2304+2=2306 दो हज़ार तीन सौ छ: उत्तर आया } अब दो हज़ार तीन सौ छ:को पांच से गुणा करेंगे 5 ×2306=115 30 ग्यारह हज़ार पांच सौ तीस उत्तर आया] अब ग्यारह हज़ार पांच सौ तीस को बीस से भागीला करेंगे 20÷11530=10 दस उत्तर आया ] अब दस को  गुणा नौ से करेंगे 9×10=90 नव्वे उत्तर आया ] अब नव्वे मैं दो जोड़ देंगे 90+2=92 तो टोटल उत्तर बान्नवे 92  हुआ 
 तो इस तरीके से आप जिस चीज़ की भी अदद निकाल कर देखेंगे चाहे दिल की ज़बान की ज़मीन आसमान की चाहे जिसकी भी आखिर मैं  92 अदद हिंदसा आएगा और ये 92 अदद है मुहम्मद  सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की तो इस से ये साबित हो गया के मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के नाम के अदद हर चीज़ मैं मौजूद हैं यानी मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम हर चीज़ की असल हैं 

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