अस्सलामु अलैकुम:
इस पोस्ट में आपको में यह बताने वाला हूँ की दरूद शरीफ की फ़ज़ीलत क्या है और दरूद शरीफ जो पढ़ता है उस पर अल्लाह कितना करम फरमाता है।
दरूद शरीफ
हज़रत अबू तल्हा रदीअल्लाहु अन्हु ब्यान करते हैं, के एक रोज़ में बारगाहे रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम में हाज़िर हुआ तो देखा के, चेहरा ए नुबुव्वत खुशी से दमक रहा है, मैंने अर्ज़ किया या रसूलअल्लाह, आजके इलावा मैंने आपको कभी इतना ज़्यादा हश्शाश बश्शाश और खिलते चेहरे के साथ नहीं देखा था। आपने फरमाया। में हश्शाश बश्शाश क्यों न हूं, और चेहरा खिला क्यों न रखूं,
दरूद पढ़ने पर इनआमे खुदावन्दी
के अभी अभी जिब्राईल मेरे पास आए थे। और यह खुशखबरी सुना गए हैं। के ऐ मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम। आपकी उम्म्त में से जो भी, आप पर एक दफा दरूद भेजे, तो अल्लाह तआला उसके बदले, उसके लिए दस नेकियां लिख देता है, उससे दस गुनाह मिटा देता है, और उसके दस दर्जात बलंद कर देता है।
फ़रिश्ते की दुआ दरूद पढ़ने वाले के लिए
मज़ीद यह के, फरिश्ता उससे यूं कहता है, तेरे लिए भी ऐसा ही हो। मैंने पूछा ए जिब्राईल वह फरिश्ता कौन है। फरमाया। अल्लाह तआला ने आपकी तखलीक से लेकर आपकी बेअसत तक, आप पर एक फरिश्ता मुकर्रर फरमा दिया है। जिसका काम यह है के। आपकी उम्मत में से जो भी आप पर दरूद भेजे, वह कहता है। और तुझ पर भी अल्लाह रहमतें नाज़िल फरमाए।
सुब्हानअल्लाह : इससे जहाँ हुज़ूर नबी करीम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की शानो अज़मत ज़ाहिर हो रही है वहीँ दरूद शरीफ पढ़ने की भी बरकत और फ़ज़ीलत मालूम हो रही है।
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